-
846
छात्र -
733
छात्राएं -
49
कर्मचारीशैक्षिक: 42
गैर-शैक्षिक: 7
परिकल्पना
- के. वि. सं. उच्च गुणवत्ता वाले शैक्षिक प्रयासों के माध्यम से उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए अपने छात्रों को ज्ञान/मूल्य प्रदान करने और उनकी प्रतिभा, उत्साह और रचनात्मकता का पोषण करने में विश्वास रखता है।
उद्देश्य
- शिक्षा का एक सामान्य कार्यक्रम प्रदान करके रक्षा और अर्ध-सैन्य कर्मियों सहित स्थानांतरणीय केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करना है।
- स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने और गति निर्धारित करने के लिए।
- केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) और राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) आदि जैसे अन्य निकायों के सहयोग से शिक्षा में प्रयोग और नवाचारों को शुरू करना और बढ़ावा देना।
- राष्ट्रीय एकता की भावना का विकास करना और बच्चों में “भारतीयता” की भावना पैदा करना।

विद्यालय के बारे में
उद्-भव
पीएम श्री केन्द्रीय विद्यालय सेक्टर-3 रोहिणी, रोहिणी में सेक्टर-3 के संस्थागत क्षेत्र में एक सिविल सेक्टर स्कूल है। 6 अगस्त 2006 से पहले विद्यालय उसी परिसर में पुराने भवन में स्थित था जिसे अब केवी सेक्टर-22 को आवंटित किया गया है और विद्यालय अगस्त 2006 से अपने नए भवन में स्थानांतरित हो गया है।
केवी खुलने की तिथि: 21/05/1997
विद्यालय के दृष्टिकोण के बारे में
हितधारकों का अपने बच्चों की शिक्षा के लिए सर्वोत्तम संस्थान का सपना पूरा करना।
छात्रों को स्कूल के माहौल में सुरक्षित और आरामदायक महसूस कराना और सर्वोत्तम अनुकूल सीखने का माहौल प्रदान करना। इससे वे अपने कौशल और क्षमता को निखारने और देश के सर्वोत्तम भावी नागरिक बनने में सक्षम होंगे।
विद्यालय के उद्देश्य के बारे में
भावी नागरिकों को तैयार करें जो अपनी सर्वोत्तम क्षमता से राष्ट्र निर्माण में योगदान देने में सक्षम हों। बच्चों का समग्र विकास सुनिश्चित करना और यह सुनिश्चित करना कि वे जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ अच्छे इंसान बनें। वे अपनी सर्वोत्तम क्षमताओं से राष्ट्र निर्माण की दिशा में प्रयास करेंगे
संदेश
श्री विकास गुप्ता, भा. प्र. से., आयुक्त
शिक्षक दिवस 2026 के अवसर पर मैं देश के समस्त शिक्षक समुदाय को अपनी हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित करता हूँ।
आज जब शिक्षा का क्षेत्र तीव्र गति से परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है, तब भी शिक्षण की मूल भावना और उसका सार शाश्वत है। देशभर के केन्द्रीय विद्यालयों में हमारे शिक्षक पूर्ण समर्पण, प्रतिबद्धता और अटूट उत्साह के साथ शिक्षा के उद्देश्य को आगे बढ़ा रहे हैं।
श्री वरुण मित्र
उप आयुक्त, के.वि.सं.(दिल्ली संभाग)
“शिक्षा सोच को आकार देती है, चरित्र का निर्माण करती है और राष्ट्र को मज़बूत बनाती है।” तेज़ी से हो रही तकनीकी प्रगति और अभूतपूर्व बदलावों के इस दौर में, शिक्षा केवल ज्ञान हासिल करने तक सीमित नहीं है; यह चरित्र, रचनात्मकता, क्षमता और संवेदना को विकसित करने का माध्यम है। केंद्रीय विद्यालय संगठन, क्षेत्रीय कार्यालय दिल्ली, उत्कृष्टता के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता के साथ, एक प्रगतिशील, समावेशी और जागरूक भारत की ओर बढ़ने का प्रयास कर रहा है। केंद्रीय विद्यालय हमेशा से ही सीखने, अनुशासन, विविधता और राष्ट्रीय एकता के जीवित उदाहरण रहे हैं, जहाँ पढ़ाई-लिखाई में बेहतरीन प्रदर्शन के साथ-साथ खेल, कला, संस्कृति, टेक्नोलॉजी और जीवन-कौशल पर भी ध्यान दिया जाता है। हमारी कोशिश ऐसे नागरिक तैयार करने की है जो आत्मविश्वासी, संवेदनशील, मुश्किलों का सामना करने वाले, ज़िम्मेदार और भविष्य के लिए तैयार हों। इस सोच को ध्यान में रखते हुए, हमारे विद्यालय, शिक्षा का ऐसा श्रोत हैं जहाँ बच्चे सवाल पूछतें है , प्रयोग करते है , नई चीज़ें खोजते है , मिलकर काम करते है और कुछ नया सिखते और बनाते हैं । नई टेक्नोलॉजी नन्ही सोंच को सीखने में मदद करती है और शिक्षक मार्गदर्शक की भूमिका निभाते है जो शिक्षार्थी को ज्ञान और उनके सपनों को कामयाबी में बदलने के लिए प्रेरित करते है। शिक्षक भविष्य के निर्माता और बदलाव लाने वाले होते हैं। नई शिक्षा निति 2020 के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए उनका लगातार प्रोफेशनल डेवलपमेंट, पढ़ाने का नया और अनोखा तरीका और हर सीखने वाले के प्रति समर्पण बहुत ज़रूरी है। जैसे-जैसे हम ‘विकसित भारत’ के विज़न की ओर बढ़ रहे हैं, आइए हम हर केंद्रीय विद्यालय को क्रिएटिविटी, अच्छे चरित्र और क्षमता का केंद्र बनाने का संकल्प लें, जहाँ हर बच्चा अपनी काबिलियत को पहचाने और हर शिक्षक बदलाव लाने के लिए प्रेरित करने में सक्षम हो। आइए, हम पूरे विश्वास, सहयोग और प्रतिबद्धता के साथ मिलकर एक ऐसा शैक्षिक माहौल बनाएं जहाँ हर सीखने वाला आगे बढ़ सके, हर प्रतिभा को निखरने का मौका मिले,हर सपने को सही दिशा मिले और वह सफलता के नए शिखरों को छुएँ। केन्द्रीय विद्यालय संगठन एक समृद्ध, प्रेरणादायी एवं समावेशी शिक्षण वातावरण प्रदान करता है, जहाँ विद्यार्थी अपने सपनों को साकार करने, अपनी प्रतिभा को निखारने तथा ज्ञान, कौशल और मूल्यों से सुसज्जित होकर अपने उज्ज्वल भविष्य को आकार देने के लिए निरंतर प्रेरित होते हैं। मैं, सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल, सफल एवं सार्थक भविष्य की हार्दिक मंगलकामना करता हूँ। वे लगातार सीखते रहें, आगे बढ़ें, बेहतरीन प्रदर्शन करें और देश के विकास में सार्थक योगदान दें। जय हिंद!
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अनिता सिंह
प्राचार्य
आपमें से एक के रूप में, मैं हमारे सामने आने वाले सबसे कठिन और चुनौतीपूर्ण कार्य को समझती हूं और उसकी सराहना करती हूं। एक बच्चे के भाग्य को आकार देना हममें से प्रत्येक के लिए बहुत गर्व की बात है। शिक्षा का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक व्यक्ति के स्वयं के भीतर सद्भाव और दुनिया में अन्य जीवित प्राणियों के साथ सद्भाव में दोहरी सद्भाव की स्थापना करना है। इसलिए हमारा लक्ष्य हमेशा पाठ्यचर्या और सह-शैक्षिक गतिविधियों के माध्यम से व्यक्तित्व संवर्धन रहा है।
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शैक्षणिक योजनाकार
शैक्षणिक योजनाकार 2024-25
शैक्षिक परिणाम
कक्षा दसवीं और बारहवीं में 100% परिणाम
बाल वाटिका
उपलब्ध नहीं है
निपुण लक्षय
आधारभूत साक्षरता के लिए लक्ष्य
शैक्षणिक हानि कार्यक्रम का मुआवजा (सीएएलपी)
उपचारात्मक कक्षाएं और अतिरिक्त कक्षाएं
अध्ययन सामग्री
स्पष्ट एवं संक्षिप्त नोट्स.
कार्यशालाएँ एवं प्रशिक्षण
केवीएस/सीबीएसई दिशानिर्देशों के अनुसार
विद्यार्थी -परिषद
एक अच्छी तरह से परिभाषित छात्र परिषद का गठन
अपने स्कूल को जानें
हमारे बारे में अधिक जानकारी पाने के लिए
अटल टिंकरिंग लैब
नवोदित नवप्रवर्तकों के लिए
डिजिटल भाषा लैब
उपलब्ध नहीं है
आईसीटी - ई-क्लासरूम और लैब्स
आईसीटी जानकारी
पुस्तकालय
पुस्तकालय संसाधनों के बारे में जानें
प्रयोगशालाएँ - भौतिकी/रसायन विज्ञान/जीवविज्ञान
भौतिकी/रसायन विज्ञान/जीव विज्ञान प्रयोगशालाएं
भवन एवं बाला पहल
दृश्यों के रूप में अवधारणाएँ
खेल अवसंरचना (खेल के मैदान)
अच्छा खेल बुनियादी ढांचा
एसओपी/एनडीएमए
बच्चों की सुरक्षा आवश्यकताओं के लिए
खेल
खेल अवसंरचना के लिए क्लिक करें
एनसीसी/स्काउट एवं गाइड
स्काउट्स और गाइड्स कार्यक्रम/गतिविधियाँ
शिक्षा भ्रमण
शैक्षिक भ्रमण - एक आनंददायक गतिविधि
ओलम्पियाड
अतिरिक्त बढ़त देने के लिए आवश्यक
प्रदर्शनी - एनसीएससी/विज्ञान/आदि
विज्ञान/सामाजिक विज्ञान प्रदर्शनियां/एनसीएससी
एक भारत श्रेष्ठ भारत
विविध सांस्कृतिक पृष्ठभूमि का जश्न मनाना
हस्तकला या शिल्पकला
छात्रों की रचनात्मकता को विकसित करने के लिए
मजेदार दिन
सीखने को आनंदमय बनाने के लिए
युवा संसद
संवैधानिक मूल्यों को बढ़ावा देना
पीएम श्री स्कूल
बच्चों के लिए सर्वोत्तम शिक्षा
कौशल शिक्षा
स्वावलंबी एवं आत्मनिर्भर छात्र
मार्गदर्शन एवं परामर्श
बच्चों के लिए सर्वोत्तम कैरियर पथ मार्गदर्शन
सामाजिक सहभागिता
विभिन्न मुद्दों के बारे में जागरूकता
विद्यांजलि
सामुदायिक भागीदारी को शामिल करना
प्रकाशन
साहित्यिक प्रतिभाओं को सामने लाने के लिए
समाचार पत्र
प्राथमिक विंग का समाचार पत्र
विद्यालय पत्रिका
रचनात्मकता और लेखन कौशल
देखें क्या हो रहा है ?
पूरे स्कूल में छात्रों और नवाचारों के बारे में समाचार और कहानियाँl
स्वच्छता पखवाड़ा
पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय सेक्टर-3, रोहिणी में स्वच्छता पखवाड़ा बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। विद्यार्थियों ने विभिन्न स्वच्छता एवं जागरूकता गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लिया। विद्यार्थियों ने स्वच्छता, स्वच्छ जीवनशैली और स्वस्थ पर्यावरण के महत्व को दर्शाते हुए रंग-बिरंगे चित्र एवं पोस्टर बनाए। उन्होंने विद्यालय एवं उसके आसपास के क्षेत्र को स्वच्छ रखने के लिए जागरूकता फैलाने वाले सार्थक स्लोगन भी प्रस्तुत किए। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को स्वच्छता को अपनी नियमित आदत बनाने तथा स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण बनाए रखने के लिए प्रेरित किया गया।
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हिंदी माह समारोह
पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय सेक्टर-3, रोहिणी में हिंदी माह बड़े उत्साह और उमंग के साथ मनाया जा रहा है। हिंदी भाषा के प्रयोग एवं महत्व को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। विद्यार्थी उत्साहपूर्वक हिंदी स्लोगन लेखन, पोस्टर निर्माण एवं चित्रकला गतिविधियों में भाग ले रहे हैं। उनकी रचनात्मक कलाकृतियों में हिंदी भाषा के प्रति उनका प्रेम और सम्मान स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को दैनिक जीवन में हिंदी भाषा का गर्व एवं सहजता के साथ प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
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उपलब्धियाँ
शिक्षक
विद्यार्थी
नवप्रवर्तन
नई शिक्षा नीति 2020 के प्रमुख घटक
शिक्षा में नवाचार
विद्यालय ने Teaching Skills, Life Skills तथा नई शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) के प्रमुख घटकों को दर्शाने के लिए यह शैक्षिक कलाकृति विकसित की है। यह कलाकृति वर्ष 2021 में कोविड-19 महामारी के दौरान पुनर्चक्रित (recycled) फाइबर शीटों का उपयोग करके बनाई गई है। इन फाइबर शीटों को बेकार सामग्री के रूप में एकत्रित किया गया था और उन्हें रचनात्मक रूप से पुनः उपयोग कर एक शैक्षिक दीवार प्रदर्शन (Educational Wall Display) तैयार किया गया।
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सीबीएसई बोर्ड परीक्षा कक्षा दसवीं और बारहवीं
कक्षा दसवीं
कक्षा बारहवीं
स्कूल का परिणाम
साल 2025-26
कुल विद्यार्थी सम्मिलित हुए 138 उत्तीर्ण हुए 138
साल 2024-25
कुल विद्यार्थी सम्मिलित हुए 135 उत्तीर्ण हुए 135
साल 2023-24
कुल विद्यार्थी सम्मिलित हुए 138 उत्तीर्ण हुए 135
साल 2022-23
कुल विद्यार्थी सम्मिलित हुए 147 उत्तीर्ण हुए 145
साल 2025-26
कुल विद्यार्थी सम्मिलित हुए 108 उत्तीर्ण हुए 102
साल 2024-25
कुल विद्यार्थी सम्मिलित हुए 107 उत्तीर्ण हुए 106
साल 2023-24
कुल विद्यार्थी सम्मिलित हुए 143 उत्तीर्ण हुए 143
साल 2022-23
कुल विद्यार्थी सम्मिलित हुए 167 उत्तीर्ण हुए 167